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बदलते समय के साथ रिश्तों की परिभाषा...

सुविचार...✍


बदलते समय के साथ रिश्तों की,

परिभाषा और गहराई दोनों बदल गई हैं।

कल हम अपनों के लिए वक्त निकालते थे,

आज हम अपनों से ही वक्त मांगते हैं।

आजकल हम 'जुड़े' तो सबसे हैं,

लेकिन 'पास' किसी के नहीं है।

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