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Showing posts from April, 2026

मुसीबत का समय एक छलनी की तरह...

सुविचार...✍ मुसीबत का समय एक छलनी की तरह होता है, जो फालतू के रिश्तों को छानकर अलग कर देता है और केवल वही रिश्ते बच पाते हैं, जो दिल से हमारे साथ खड़े होते हैं।

पानी की शुद्धि शरीर को स्वस्थ रखती है...

सुविचार...✍ पानी की शुद्धि शरीर को स्वस्थ रखती है, और विचारों की शुद्धि मन को। जिस प्रकार गंदा पानी शरीर में रोग फैलाता है, उसी प्रकार नकारात्मक सोच अशांति लाती है।

अगर हम अपनी मिठास बनाए रखे तो...

सुविचार...✍ अगर हम अपनी मिठास बनाए रखे तो जलने वालों की जलन अपने आप उनके लिए 'परहेज' बन जाएगी। इसलिए आप अपनी चमक बरकरार रखिए, क्योंकि जो आज आपकी रोशनी से परेशान हैं, कल वही आपकी तारीफ करने को मजबूर होंगे।

मंजिल की ओर ले जाने वाली राहें एक...

सुविचार...✍ मंजिल की ओर ले जाने वाली राहें एक जैसी ही दिखती हैं, बस फर्क सिर्फ हमारे नजरिए और धैर्य का ही होता है। जो हार मान लेता है, उसके लिए वही रास्ता असफलता बन जाता है, और जो गिरकर भी उठता है, वही सफलता के शिखर तक पहुँचता है।

अक्सर हम दूसरों की राय के चक्कर में...

सुविचार...✍ अक्सर हम दूसरों की राय के चक्कर में अपनी खुशी और अपने सपनों की बलि चढ़ा  देते हैं। जबकि यह सबसे बड़ा 'रोग' है कि लोग क्या कहेंगे, याद रखें कि लोग आपके घर का बिल नहीं भरते हैं। इसलिए दूसरों की परवाह किए बिना अपने लक्ष्य और सपनों पर ध्यान केंद्रित करें।

चुगली उस अदृश्य दुश्मन (दीमक) की...

सुविचार...✍ चुगली उस अदृश्य दुश्मन (दीमक) की तरह है, जो विश्वास की नींव को चुपचाप चाट जाती है। जब तक इंसान को खबर होती है तब तक, रिश्तों का मजबूत ढांचा ढह चुका होता है।

झूठ भले ही धीमी आवाज में बोला जाए...

सुविचार...✍ झूठ भले ही धीमी आवाज में बोला जाए, लेकिन लोग बिना सोचे-समझे आगे फैलाते हैं। और सच को चिल्लाकर कहना पड़ता है, फिर भी लोग उसे सुनने को तैयार नहीं होते हैं। क्योंकि झूठ के पंख होते हैं इसलिए वह तेजी से उड़ता है, जबकि सच को अपने पैरों पर चलने में वक्त लगता है।

जो लोग मुश्किल समय में साथ छोड़ देते...

सुविचार...✍ जो लोग मुश्किल समय में साथ छोड़ देते हैं, उन्हें खुशियों में साथ रखने का कोई मतलब नहीं है। रिश्तों की असली परख सुख के बजाय दु:ख में ही होती है, क्योंकि ऐसे रिश्ते केवल 'मतलब' की नींव पर टिके होते हैं।  

जैसे बिना नींव के मकान नहीं खड़ा...

सुविचार...✍ जैसे बिना नींव के मकान नहीं खड़ा हो सकता, वैसे ही बिना विश्वास के कोई रिश्ता टिक नहीं सकता।

लोग पीठ पीछे आपकी बुराई या...

सुविचार...✍ लोग पीठ पीछे आपकी बुराई या आलोचना करते हैं, लेकिन सामने आते ही चापलूसी करने लगते हैं। समाज में ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो मुखौटा पहनकर घूमते हैं।

किस्मत की लिखावट भले ही हमारे हाथ...

सुविचार...✍ किस्मत की लिखावट भले ही हमारे हाथ में न हो, पर हम अपनी मुस्कुराहट के रंगों से खूबसूरत बना सकते हैं। क्योंकि अंधेरा चाहे कितना भी घना क्यों न हो, उम्मीद का सूरज निकलता जरूर है।

जीवन की किताब कई बार ऐसे ही...

सुविचार...✍ जीवन की किताब कई बार ऐसे ही कोरे कागज पर लिखी लगती है, जहाँ स्याही सूखने से पहले ही कोई नया दाग लग जाता है।

धर्म दीपक की तरह होता है जो सदाचार...

सुविचार...✍ धर्म दीपक की तरह होता है जो सदाचार का प्रकाश फैलाता है, लेकिन... कुछ लोग उस प्रकाश का उपयोग गलत रास्तों पर चलने के लिए करते हैं।