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Showing posts from February, 2026

जब तक मन में उत्साह और अपनापन है...

सुविचार...✍ जब तक मन में उत्साह और अपनापन है, तब तक कोई भी रास्ता कठिन नहीं लगता। पर जहाँ दिल की डोर ढीली हुई, वहाँ मीलों का साथ भी बोझ बन जाता है।

कर्म और विश्वास जीवन के वे मौलिक...

सुविचार...✍ कर्म और विश्वास जीवन के वे मौलिक आधार हैं, जिनके सहारे जीवन की राह आसान हो जाती है। जब व्यक्ति अटूट विश्वास के साथ मेहनत करता है, तो ईश्वर स्वयं उसके मार्गदर्शक बन जाते हैं।

हमारा व्यवहार ही वह आईना है जिसमें...

सुविचार...✍ हमारा व्यवहार ही वह आईना है जिसमें हमारी असलियत दिखती है। सादगी और विनम्रता ऐसे गहने हैं जो किसी भी व्यक्तित्व को अनमोल बना देते हैं।

लोग आपकी प्रशंसा करते हैं या निंदा...

सुविचार...✍ लोग आपकी प्रशंसा करते हैं या निंदा, इसकी चिंता करना छोड़ दो। सिर्फ एक बात सोचो कि आपने अपनी सारी जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभाई है या नहीं। क्योंकि जीवन में लोगों की वाहवाही पाने से अधिक महत्वपूर्ण परमात्मा की नजर में ईमानदार होना है।

सुख में अहंकार न करना और दुःख में...

सुविचार...✍ सुख में अहंकार न करना और दुःख में धैर्य न खोना ही वास्तविक सफलता है। सुख व्यक्ति को घमंडी बना सकता है, जबकि दुःख धैर्य की परीक्षा लेता है। जो इन दोनों स्थितियों में स्थिर रहता है, उसका जीवन ही वास्तव में सफल है।

जीवन सचमुच एक शतरंज के खेल की...

सुविचार...✍ जीवन सचमुच एक शतरंज के खेल की तरह है, और यह खेल आप ईश्वर के साथ खेल रहे हैं। जहाँ आपकी हर चाल के बाद, अगली चाल ईश्वर चलते हैं। आपकी चाल आपकी 'पसंद' कहलाती है, और ईश्वर की चाल 'परिणाम' कहलाती है।

जिस तरह मैले कपड़े हमें गंदे लगते हैं...

सुविचार...✍ जिस तरह मैले कपड़े हमें गंदे लगते हैं, और उन्हें पहनने में शर्म महसूस होती है। ठीक उसी तरह नकारात्मक और गंदे, विचारों से भी हमें शर्म आनी चाहिए।

गलत तरीकों से कमाया धन और हक...

सुविचार...✍ गलत तरीकों से कमाया धन और हक मारकर मिली सफलता केवल क्षणिक सुख दे सकती है, पर यह शांति और आत्म-सम्मान को खत्म कर देती है, जिससे जीवन में असंतोष और अशांति आ जाती है।

हर चीज और हर स्थान का अपना महत्व...

सुविचार...✍ हर चीज और हर स्थान का अपना महत्व होता है, कोई भी जगह या स्थिति हमेशा खाली नहीं रहती; यदि उसे उपयोग न किया जाए तो वह व्यर्थ हो जाती है, ठीक वैसे ही जैसे एक खाली कुर्सी पर धूल जम जाती है।

इंसान केवल दो वजहों से ही चुप होता है...

सुविचार...✍ इंसान केवल दो वजहों से ही चुप होता है, या तो वह सब कुछ समझ चुका होता है या फिर वह कुछ समझाना नहीं चाहता है क्योंकि कोशिश करके थक चुका होता है।